रांची, झारखंड:
हर पेशा समाज की नींव का एक हिस्सा होता है, और जब बात न्याय व्यवस्था की हो, तो अधिवक्ता उस नींव के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं। लेकिन जीवन की दौड़ में अक्सर वे खुद अपनी सेहत और सुरक्षा को पीछे छोड़ देते हैं। ऐसे में झारखंड सरकार की पहल ने एक नई मिसाल कायम की है।
शनिवार का दिन झारखंड के हजारों वकीलों के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद लेकर आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी के हरिवंश टाना भगत ऑडिटोरियम से अधिवक्ताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य बीमा योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस योजना के तहत राज्य के लगभग 27,000 अधिवक्ता और उनके परिवार अब गंभीर बीमारियों और आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं से आर्थिक रूप से सुरक्षित रहेंगे।
📜 इस योजना की खास बातें:
- कैशलेस इलाज की सुविधा
- राज्य के सूचीबद्ध अस्पतालों में सेवाएं
- अधिवक्ताओं और उनके परिवारों के लिए समर्पित
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सरल
यह पहला अवसर है जब देश में किसी राज्य ने अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने का साहसिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “अधिवक्ता हमारे न्यायिक ढांचे के प्रहरी हैं। अब समय है कि हम उनके स्वास्थ्य की रक्षा करें, जैसे वे हमारे अधिकारों की करते हैं।”
🎤 इस अवसर पर मंच पर मौजूद थे राज्य सरकार के कई मंत्री, अधिकारी, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य, महाधिवक्ता और सभी जिलों के बार संघों के प्रतिनिधि। कार्यक्रम में अधिवक्ता स्वास्थ्य बीमा कार्ड भी वितरित किए गए।
यह योजना सिर्फ एक बीमा कवर नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक है। वकीलों ने इसे एक “ऐतिहासिक निर्णय” बताया और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें और उनके परिवार को चिकित्सा खर्चों की चिंता नहीं रहेगी।
📷 रविवार की सुबह जब कई वकील अपने परिवार के साथ कार्ड हाथ में लिए मुस्कुरा रहे थे, तो यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य की झलक थी।
झारखंड ने एक बार फिर साबित किया कि जब राजनीति में संवेदनशीलता और दूरदृष्टि हो, तो बदलाव संभव है। अब उम्मीद है कि यह पहल न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगी।